क्यूँ सिर झुकाए खड़ा है तू?

क्यूँ सिर झुकाए खड़ा है तू, बोलियों के इस बाज़ार में?

जानता है गर कद्र अपनी तो बढ़ जा आगे,
झोंक कर बेबसी को अपनी, मजबूरियों की अंगार में।

आत्मबल और सच्चाई ख़ासियत है तेरे व्यक्तित्व की,
जो भूल गया है तू व्यर्थ के दिखावे की लड़ाई में।मत हो मायूस समाज के उन तानों से,

जो सपनों को तोलते है तेरे अपनी इच्छाओं के पैमाने पे।मिल जाएगा जवाब उन्हें भी, तेरे काम की गहराइयों में,

जो आँकते थे हुनर को तेरे, नाकामयाबियों की कतार में।

क्यूँ सिर झुकाए खड़ा है तू, बोलियों के इस बाज़ार में?

©®दीपिका

Motivational Quotes: #Deepthoughts Quote8

Welcome Again!

Motivational Quotes:

#Deepthoughts Quote8

“We often underestimate our natural inherent powers. We doubt ourselves and fill with the insecurities.”

Focus, Passion, Self-discipline, belief and dedication discover the new path to achieve desired goals.

Noone can defeat us until we believe that we are going to lose”.

#deepikawrites

जिंदगी सबसे बड़ी गुरु है।

जिंदगी सबसे बड़ी गुरु है, जीना सिखा देती है।
आँखों से गिरे हर आँसू को पीना सिखा देती है।

जो जाते है गर तारें अगर मायूसियों की गर्दिशों में,
उन्हें रोशनी का नया सूरज दिखा देती है।

आते है बहुत से दो राहें मंजिलों की चाह में,
पर है शुक्रिया तेरा, ए जिंदगी! तू हर बार गिरकर उठना सिखा देती है।

ग़मों की गहराइयों और सुखों की परछाईयों में,
अपनों और परायों की पहचान सिखा देती है।

जिंदगी सबसे बड़ी गुरु है जीना सिखा देती है।
मुश्किलों भरी ज़मीन पर ख्वाइशों के फूल खिला देती है।

©®दीपिका

Now you can also listen to the poem. Here is the link.

https://youtu.be/NXZjA055AEU

You can also read

जिंदगी का सफ़र”

https://myaspiringhope.wordpress.com/2019/06/06/zindagi-ka-safar/