ज़िंदगी का मोल

मुद्दतें बीत जाती है ये सोचने में कि ज़िंदगी तेरा मोल क्या है?

यूँ ही बेवज़ह खो देते है हम वो अनमोल पल जिसमें सारा संसार बसा है।

क्यूँ है हम पाबंदियों के मोहताज़ तेरे अक़्स से रुबरु होने के लिए?

ये तो सबसे अच्छा मौका है, खुद को साबित करने का कि कैसे जिया जाता है इंसानियत के लिए।

हमारी एक छोटी सी सावधानी, लाखों ज़िन्दगियों को सुरक्षित कर सकती है।

घर पर रहिए, सजग रहिए और जागरूक रहिए,

अभी यही सबसे बड़ी राष्ट्र सेवा हो सकती है।

नोट– इस समय सबको अभी ज़िम्मेदारी और भागीदारी को समझना चाहिए।

©®दीपिका

मैं आशा!

हँसती और मुस्कुराती, मैं आशा हूँ।

निराशा को दूर भगाती और सबकी हिम्मत बढ़ाती, मैं आशा हूँ।

खड़ी हूँ यही चौखट पर तुम्हारी,

बस बंद दरवाज़े खोलने की देर है।

सोच रहे हो क्या तुम, किस उधेड़बुन में हो?

दोस्त तो बनो मेरे एक बार, किस आशंका में हो?

गर एक बार थामा मेरा दामन,

तो मैं जीवन भर साथ नहीं छोडूँगी।

चलूंगी संग संग तेरे, सपनों को उड़ान दूँगी।

गर गिर रहा होगा तो संभाल लूंगी।

और फिर से उठने का हौंसला दूँगी।

हँसती और मुस्कुराती, मैं आशा हूँ।

निराशा को दूर भगाती और सबकी हिम्मत बढ़ाती, मैं आशा हूँ।

©®दीपिका

Blogchatter A2Z challenge 2020 :Theme reveal

Hello All,

How are you all doing?

Blogchatter A2Z Challenge 2020: Theme reveal

I am participating again in the Blogchatter challenge 2020.

I have participated last year also that was my debut and I was pretty much unsure about my participation because it is a challenge of 26 days with Sunday off, I never did continuous writing of 26 days before so that was the thrilling experience for me.

Last year I was not sure about what was I going to write? I wrote daily, edited daily and published daily without a pre-preparation.

Can you believe?

When I completed, I felt a feeling of proud that I decided, modified but successfully completed the challenge in the end.

My Post collection 2019

You can check here:

https://myaspiringhope.wordpress.com/2019/04/11/blogchattera2z-challenge-my-posts/

This year I am coming with the theme of

Baate Kuch Ankahi Si“.

What are these talks? I can’t reveal now,

It’s a Suprise!

For now, I can only share, this is going to be in Hindi and in the form of poetries. Hoping for the best!

Check the link!

http://www.a-to-zchallenge.com/2020/03/?m=1

I am very excited and looking forward to the challenge.

You can also participate in this writing carnival.

For details, the link is here.

https://www.theblogchatter.com/the-road-runner-challenge-blogchattera2z-is-here/

Here are the event updates!

https://m.facebook.com/events/280869735882853/

Fill the form and submit for registration.

See you there on 1 April. Best wishes!

Regards & Gratitude,

Deepika

कोशिशें

साँसें चल रही है तो उम्मीद अभी भी बाकी है।
हारी नहीं हूँ मैं, कोशिश अभी भी जारी है।

माना कि मुश्किलों भरी है राह मेरी और तूफानों का दौर है,
पर ढिगा नहीं है विश्वास मेरा, जंग अभी भी जारी है।

फिर उठूँगी गिर कर भी मैं, लड़खड़ाते क़दमों से भी,
कोई हो ना हो साथ मेरे पर ज़िन्दगानी अभी भी बाकी है।

भले ही जल गई हो लकड़ियाँ मेरे चूल्हे की,
पर उनकी राख अभी भी बाकी है।

जख्म हरे कर जाते है कुछ घाव पुराने भी,
आँखों में नमी हो भले ही पर होठों पर मुस्कान अभी भी बाकी है।

©®दीपिका

सुनिये पॉडकास्ट पर!

https://anchor.fm/deepika-mishra/episodes/Umeed-Abhi-Bhi-Baki-Hai-ebf502

कुछ तेरी,कुछ मेरी बराबरी वाली दुनिया।

कुछ तेरी, कुछ मेरी, कुछ आधी आधी ही सही।

मैं चाहती हूँ कुछ सुनना, कुछ सुनाना,कुछ तेरी अनसुनी और कुछ मेरी अनकही।

जहाँ मैं साझा कर सकूँ अपना मन बेझिझक,चाहती हूं वो दुनिया बराबरी वाली।

जहाँ तुम भी समझो मुझे और मुझ से जुड़ी हर फिक्र,चाहती हूँ वो दुनिया बराबरी वाली।

जहाँ मुझे रोका न जाए संस्कारों के नाम पर।
जहां बदल न जाए ज़िन्दगी सिर्फ एक नए रिश्ते में बंधने पर।

जहाँ मुझे तोला ना जाए दूसरों की बनाई कसौटियों पर।

जहाँ मैं खुद तय सकूँ कि बाहर जाकर काम करना है या होम मेकर बनकर रहना है घर पर।

जहाँ मैं जी सकूँ अपने हिस्से का जीवन और नाप सकूँ अपने हिस्से का आसमां।

जहाँ सिर्फ़ मुझे न दी जाएं बेटी,बीवी, बहूँ और एक माँ की उपमा।

कुछ तेरी, कुछ मेरी, कुछ आधी आधी ही सही।

मैं चाहती हूँ कुछ सुनना, कुछ सुनाना,कुछ तेरी अनसुनी और कुछ मेरी अनकही।

जहाँ मैं साझा कर सकूँ अपना मन बेझिझक,चाहती हूं वो दुनिया बराबरी वाली।

जहाँ तुम भी समझो मुझे और मुझ से जुड़ी हर फिक्र,चाहती हूँ वो दुनिया बराबरी वाली।

महिला दिवस की ढेरों शुभकामनाएँ

https://youtu.be/NcezMSrORwU

©®दीपिका

https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/03/05/barabari-ka-daawa/