जब मैं थक जाया करती हूँ…

जब मैं थक जाया करती हूँ तो खुद को समझाया करती हूँ कि कोई बात नहीं,

थोड़ा सुस्ता ले…

थम जा थोड़ा और अब तक के जिए पलों के थोड़ा हिसाब लगा ले।

कोई हर्ज़ नहीं है थोड़ा गुणा भाग करने में,

क्या खोया, क्या पाया इस जद्दोजहद की जांच करने में।

जब मैं थक जाया करती हूँ तो खुद को समझाया करती हूँ,

सारी जिम्मेदारियों के बोझ तले कुछ पल सुकूँ के अपने लिए चुराया करती हूँ।

जहाँ ना बंदिश होती है ख्यालों पर और ना ही किसी सोच का पहरा होता है,

आज़ादी होती है खुद से मिलने की, उन चंद मिनटों का वक़्त भी कितना सुनहरा होता है।

जहाँ मैं खुद से मिला करती हूँ, खुद से गिला करती हूँ,

रखती हूँ लेखा जोखा अपने सपनों का, अपने अरमानों का,

जो पूरे हुए उनका और जो छूट गए उनके हर्ज़ानों का।

जब मैं थक जाया करती हूँ तो खुद को समझाया करती हूँ कि कोई बात नहीं, थोड़ा सुस्ता ले…

थम जा थोड़ा और अब तक के जिए पलों के थोड़ा हिसाब लगा ले।

अगर लगे कि सब बराबर है तो फिर तो कोई गम ही नहीं,

पर गर लगे कि मामला गड़बड़ है और स्थिति काबू में नहीं है तो रास्ता बदलने में भी देर नहीं लगाती हूँ।

जब मैं थक जाया करती हूँ तो खुद को समझाया करती हूँ।

~~दीपिका मिश्रा

https://youtu.be/CMELPt4vzGM

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बातें कुछ अनकही सी..

Baate kuch ankahi si..

https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/07/15/baate-kuch-ankahi-si/

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Podcast… Jio Dil Se

https://anchor.fm/deepika-mishra

नई कविता

New poem…

वक़्त जो ठहर से गया है

https://youtu.be/UHUGbFsx_6k
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Regards & Gratitude,

Deepika Mishra

34 thoughts on “जब मैं थक जाया करती हूँ…

  1. Great poem dedicated to all of us. Indeed women are always busy in completing multiple responsibility and never get enough time for themselves. You said it right that there is nothing wrong in taking a break.

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  2. This is such an heartfelt poem Deepika. We women need to remind ourselves that its okay to get tired and take a step back. We all need the me time. I have seen your youtube video as well and it came out very good.

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  3. This poem is dedicated to all women around the world who are doing double of what they used to do before. It is quite relatable and seems as if the reader is actually talking to herself and giving a positive affirmation

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  4. बेहद खूबसूरत
    वो ख़ास पल जो हम अपने लिए चुराते है
    वही तो हमे सवांरते है
    वही तो हमे फिर साहस देते है

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