मज़बूरी!!

वो आएं थे ढेरों आरजूएं लेकर शहर की ओर,

अब जब जा रहे है तो बहुत सी ख़्वाहिशें दफ़न कर जा रहे है।

पता नहीं अब कब वापस आएंगे इन रास्तों पर मुड़ कर,

जिन पर नंगे पाँव चले जा रहे है।।

जिन्हें अपने सपनों को मंज़िल पहुँचाने के लिए चुना था,

अब उन्हीं राहों को पीछे छोड़े जा रहे है।

जो बनाते थे कभी सबके सपनों का घर,

आज वही एक छत और दो जून की रोटी की तलाश में

भटके जा रहे है।।

वो आएं थे ढेरों आरजूएं लेकर शहर की ओर,

अब जब जा रहे है तो बहुत सी ख़्वाहिशें दफ़न कर जा रहे है।।

जो गलियां, जो शहर लगता था कभी अपना सा,

अब वही क्यूँ परायों की गिनती में खड़े नज़र आ रहे है।

सोचा ना था!!

एक दिन ऐसा भी आएंगा जब सड़के सूनी और शहर

वीरान हो जाएंगा।

कोई मज़दूर बेउम्मीद होकर वापस लौट जाएंगा।।

©® दीपिका

इस लिंक पर क्लिक करके कविता सुनें।

https://youtu.be/APJPn4gEY7w

यादों की बारात!

यादें कुछ खूबसूरत सी तो कुछ बदरंग यादें।

जहन में जिंदा रहती है बनकर कभी सबक़ तो कभी खुशनुमा सौगातें।

हर बीता पल एक याद बन जाता है,

चाहे तो भी वो वक़्त बदला नहीं जाता है।

यादें एक ख़ूबसूरत गुलदस्ते की तरह भी होती है,

जिसमें अलग अलग रंग के फूल अपनी खुशबू बिखेरते है।

कुछ जहन में बस जाते है,

तो कुछ को हम सिर्फ भूल जाना चाहते है।

यादें गवाह होती है हमारी शुरुआत की,

हमारे आगाज़ की तो हमारे अंज़ाम की।

हमारे परवाज़ की और हमारी ढ़लान की।

कुछ बुलंदियों की और उनकी चुनौंतियों की।

ऐसे ही चलता रहता है कारवाँ भूली बिसरी यादों का,

कुछ बेहद खूबसूरत तो कुछ बैरंग बातों का।

होती है!

यादें कुछ खूबसूरत सी तो कुछ बदरंग यादें।

जहन में जिंदा रहती है बनकर कभी सबक़ तो कभी खुशनुमा सौगातें।

©® दीपिका

भावनाओं का एक्स रे!

https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/28/bhavanayo-ka-xray/

वक़्त जो ठहर सा गया है!

https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/27/waqt-jo-thahar-sa-gaya-hai/

वजह तुम हो!

https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/24/vajah-tum-ho/

सपनों की उड़ान!

https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/24/sapno-ki-udaan/

थमी नहीं है ज़िंदगी!

https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/22/thami-nahi-hai-zindagi/

सुकून की तलाश!

https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/22/sukoon-ki-talash/

नई सहर रोशनी वाली!

https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/21/nayi-sahar-roshani-vali/

वक़्त जो रुकता नहीं।

https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/20/waqt-jo-rukta-nahi/

प्यार की ताक़त!https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/18/pyar-ki-taakat/

माँ की जादूगरी!https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/17/maa-ki-jaadugari/

नज़रिये का फेर!https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/16/nazariye-ka-pher/

मन की सुंदरता!https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/15/man-ki-sundarta/

लम्हे जो बीत गए है।https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/14/lamhe-jo-beet-gaye-hai/

बीते कल की परछाई!https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/13/beete-kal-ki-parchaai/

जंग दिल और दिमाग की!https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/11/jang-dil-aur-dimag-ki/

हज़ारों बहाने है जीने के!https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/09/hazaro-bahane-hai-jeene-ke/

गमों के बादल!https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/08/gamo-ke-baadal/

वो एक फ़रिश्ता!https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/06/vo-ek-pharista/

इंसानियत कुछ खो सी गई है!https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/06/insaaniyat-jo-kuch-kho-si-gayi-hai/

और भी दर्द है इस ज़माने में!https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/04/aur-bhi-dard-hai-is-zamane-main/

चलो फिर से शुरू करते है।https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/03/chalo-phir-se-shuru-karte-hai/

बेमक़सद जीना भी कोई जीना है?https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/01/bemaksad-jina-bhi-koi-jina-hai/

अजीब दास्तां है ये!https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/01/ajeeb-dastaan-hai-ye/

भावनाओं का एक्स रे!

“जाकी रही भावना जैसी, प्रभु मूरत देखी तिन तैसी”

रामचरितमानस की ये पंक्तियाँ अपने आप में सम्पूर्ण है , भावनाओं की परख की समझ पैदा करने के लिए।

भावनाओं का एक्स रे!

जिसकी जैसी भावना होती है, वो वैसा ही प्रतिबिम्ब दूसरों में देखता है।

अगर अच्छी सोच वाला है तो अच्छा और गर मन में मैल भरा है तो बुराई ही ढूँढता है।

जिसकी जैसी भावना होती है, वो वैसा ही प्रतिबिम्ब दूसरों में देखता है।

इतना भी मुश्किल नहीं होता ये पता लगाना कि मन में क्या चल रहा है?

सीधी राह चुनी है या मन में कोई चोर पल रहा है।शख्सियत को तोलने के तराजू पहले से तैयार कर लिये जाते है।

“अरे”…! “बेचारा,” “इसके बस का तो कुछ नहीं” के जुमले मन को तार तार किए जाते है।

ईर्ष्या, जलन, गुस्से और लोभ की भावनाएं कूट कूट के भर दी जाती है।

वो खुद अपने दुख से इतना दुखी नहीं होता जितना कि दूसरों के सुख में उसे दिक्कत महसूस होती है।

कभी प्यार के बदले प्यार बाँट कर को देखो, कितना सुकून मिलता है।

हर चीज़ नफ़ा और नुक़सान के तराजू में तोली नहीं जाती,

इंसान है तो इंसानियत को ज़िंदा रखने का फर्ज़ भी हमारा ही बनता है।

जिसकी जैसी भावना होती है, वो वैसा ही प्रतिबिम्ब दूसरों में देखता है।

अगर अच्छी सोच वाला है तो अच्छा और गर मन में मैल भरा है तो बुराई ही ढूँढता है।

©®दीपिका

वक़्त जो ठहर सा गया है!

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वजह तुम हो!

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सपनों की उड़ान!

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थमी नहीं है ज़िंदगी!

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सुकून की तलाश!

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नई सहर रोशनी वाली!

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वक़्त जो रुकता नहीं।

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प्यार की ताक़त!https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/18/pyar-ki-taakat/

माँ की जादूगरी!https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/17/maa-ki-jaadugari/

नज़रिये का फेर!https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/16/nazariye-ka-pher/

मन की सुंदरता!https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/15/man-ki-sundarta/

लम्हे जो बीत गए है।https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/14/lamhe-jo-beet-gaye-hai/

बीते कल की परछाई!https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/13/beete-kal-ki-parchaai/

जंग दिल और दिमाग की!https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/11/jang-dil-aur-dimag-ki/

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गमों के बादल!https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/08/gamo-ke-baadal/

वो एक फ़रिश्ता!https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/06/vo-ek-pharista/

इंसानियत कुछ खो सी गई है!https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/06/insaaniyat-jo-kuch-kho-si-gayi-hai/

और भी दर्द है इस ज़माने में!https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/04/aur-bhi-dard-hai-is-zamane-main/

चलो फिर से शुरू करते है।https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/03/chalo-phir-se-shuru-karte-hai/

बेमक़सद जीना भी कोई जीना है?https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/01/bemaksad-jina-bhi-koi-jina-hai/

अजीब दास्तां है ये!https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/01/ajeeb-dastaan-hai-ye/

बेजुबां प्यार

प्यार एक अनुभूति है, एक एहसास है।

शब्दों में बयां करना पड़ता नहीं इसे, गर बोलते आपके जज़्बात है।

गर बिन बोले समझ जाएं वो मेरी हर अनकही को, मेरे लिए वो ही सच्चा प्यार है।

और प्यार में दिखावे की कतई जरूरत नहीं होती, जो करे इज़्जत और कद्र मेरी शख्सियत की, वो ही सच्चा यार है।

नैनों से बातें करने की कला सबको आती नहीं है।

चुपके से नज़रें चुराकर दीदार की उसकी आदत मुझे सबसे ज्यादा भाती है।

जब भी आँखे बंद करके माँगा तुम्हें, तुम सामने ही थे।

शायद समझते थे मेरी बंदिशों को इसलिए मेरी दुआओं में थे।

हाथ पकड़ कर साथ साथ चलना ही आशिकी नहीं है।

साथ निभाना एक दूसरे की मुश्किलों में ही असली चुनौती है।

प्यार एक अनुभूति है, एक एहसास है।

शब्दों में बयां करना पड़ता नहीं इसे, गर बोलते आपके जज़्बात है।

©®दीपिका

कविता को सुनने के लिए क्लिक करे इस लिंक पर।

https://youtu.be/5kZ9Tf4Q_Rc

तेरा मेरा रिश्ता

https://myaspiringhope.wordpress.com/2019/10/17/tera-mera-rishta/

तेरा मेरा साथ

https://myaspiringhope.wordpress.com/2019/11/27/tera-mera-sath/

खुद का मोल।

दौलत कमाना आसान है, दुआएं नहीं।

हम भर ले उड़ान कितनी ऊँची ही, पर रहना तो है इसी धरातल पर यही कहीं।।

पैसों का मोल देकर शायद इंसानियत अब भी खरीदी नहीं जा सकती।

सब कुछ खत्म हो जाएँ तो भी अंदर की रूहानियत इतनी आसानी से कहीं नहीं जाती।।

वो वही रहती है उसके अंदर, उसकी अंतरात्मा उसे कचोटती है।

क्यूं पड़ जाते है मोह माया के चुनाव में?

और वो रूह की अच्छाई कहीं दफ़न हो जाती है।

पर कोई नहीं, अच्छाई मरी नहीं है पूरी तरह से अभी भी लोगों में।

औरों के घर का दिया बुझाकर, खुद का चमन रोशन करने की कला हमें अभी भी नहीं आती है।

दौलत कमाना आसान है, दुआएं नहीं।

हम भर ले उड़ान कितनी ऊँची ही, पर रहना तो है इसी धरातल पर यही कहीं।।

©®दीपिका

https://myaspiringhope.wordpress.com/2019/11/04/khud-ki-suno/

वो पहला कदम

हर वो पहला कदम उठाना मुश्किल होता है।
आशंकाओं भरे दिल को समझाना मुश्किल होता है।।

पता नहीं दूसरे देखते है हमें किस नजरिए से,
उनके हर सवाल का जवाब बन जाना मुश्किल होता है।

ये ज़िन्दगी हमारी है, कुछ फैसले हमारे भी हो सकते है,
खुद के लिए लिया हुआ एक फैसला उनके लिए पचाना मुश्किल होता है।

जब तक चले दूसरों के दिखाए रास्ते पर, तब तक तो ठीक।
अपने चुने हुए रास्ते को मंज़िल तक पहुँचाना मुश्किल होता है।

हर वो पहला कदम उठाना मुश्किल होता है।
आशंकाओं भरे दिल को समझाना मुश्किल होता है।।

©®दीपिका

https://myaspiringhope.wordpress.com/2019/11/17/dil-chota-na-kar/

तेरा मेरा साथ

तेरा मेरा साथ यूँ ही बना रहे, मैं तेरी हमराही, तू हमसाया यूँ ही बना रहे।

उबड़ खाबड़ पथरीले रास्तों पर, थांमें एक दूसरे का साथ, मैं तेेरी हमसफ़र, तू साथी मेरा बना रहे।

महज़ रिश्ता नहीं ये प्यार की डोर है, मैं तेरी सजनी, तू साजन यूँ ही बना रहे।

मैं महकूँ खुशबू से तेरी और घर उपवन सा सजा रहे।

लग जाए उम्र तुझे मेरी भी और दिन तुझे देख देख कर यूँ ही गुजरा करे।

ना जाने कैसा रिश्ता बनाया है ऱब ने ये, कि महज दूरी के एहसास से ही, दिल सुबक सुबक कर रोया करे।

तेरा मेरा साथ यूँ ही बना रहे, मैं तेरी हमराही, तू हमसाया यूँ ही बना रहे।

©®दीपिका

https://myaspiringhope.wordpress.com/2019/10/17/tera-mera-rishta/

बीमारी में फर्क कैसा?

उषा किचन साफ़ करके जैसे ही बिस्तर पर आई तो महसूस किया कि उसका पूरा बदन तेज़ बुखार से तप रहा था, कमज़ोरी भी महसूस हो रही थी।

उसने दवाई ली और सोने की कोशिश करने लगी पर दर्द की वजह से ठीक से सो नहीं पा रही थी, पूरी रात इधर से उधर करवट बदलती रही। आँख लगी ही थी कि हॉल से आवाज़ आई, आज चाय नहीं मिलेगी क्या?

उषा को एहसास हुआ कि सुबह हो चुकी थी, पति को अपनी तबियत के बारे में बिन बताए जैसे तैसे उसने नाश्ता बनाया और टिफिन पैक करके पति को ऑफिस और बच्चों को स्कूल भेजा।

अब उषा बिल्कुल भी अपने पैरों पर खड़ी नहीं हो पा रही थी वह अपने कमरे में जाकर बिस्तर पर लेट गयी। उषा की सासूमाँ इस बात से मन ही मन परेशान होने लगी थी कि अब आज खाना कौन बनाएगा?

उषा बिस्तर पर लेटे लेटे ये सोचने लगी कि कैसे वह सबके लिए उनकी एक छींक आने पर भी एक टांग पर खड़ी रहती है। दवाई, खाना-पानी सबको टेबल पर रखा मिल जाता है और आज जब वो बीमार है तो उसकी तबीयत ख़राब होने से ज्यादा परेशान लोग इस बात से है कि काम कौन करेगा?

उसकी आँखों से आँसू आ गए कि खाने में नमक कितना पड़ेगा और मसाले का हिसाब क्या है ये तक बताने के लिए अब उसे बार बार बिस्तर से उठना पड़ेगा।

वह सोच में पड़ गयी कि कीमत क्या है उसकी इस घर में? एक काम करने वाली बाई को भी महीने में पाँच छह छुट्टी मिल ही जाती है, वो भी अपनी शर्तों पर ही काम करती है घर में। कोई ज्यादा ना नुकर करता है तो फट से बोल देती है “हिसाब कर दो मेरा”।

पर एक बहु का क्या इतना भी हक़ नहीं है कि बीमार पड़ने पर वो अपनी मर्ज़ी से आराम तक कर सके? अगर उसका मन न करे काम करने का तो खुलकर अपनी तकलीफ अपने परिवार वालों के सामने रख सके।

उसे डर ना हो इस बात का कि उसे इस बात के लिए भी ताना सुनाया जायेगा कि “आजकल की बहुएँ तो छुइमुई सी हो गयी है, हवा लगते ही बीमार पड़ जाती हैं।”

ये सब सोचते सोचते ना जाने कब उसे झपकी लग गयी, उसकी नींद फिर एक आवाज़ से टूटी। “बहु बच्चे आने वाले है, खाना नहीं बनेगा क्या आज?”

उषा धीरे से उठते हुए और अपने कपड़ों को सही करते हुए किचन की तरफ कदम बढ़ा देती है।

“एक औरत से माँ बनने का सफ़र” जितना सुखदायी उतना ही चुनौतीपूर्ण, 7 ध्यान देने वाले बिंदु।

माँ ये नाम सुनते ही एक अलग ही भाव की अनुभूति होती है, दया, ममता, करुणा और धैर्य की मूरत माँ।

पर क्या एक औरत से माँ बनने का सफ़र इतना आसान होता है?

शायद नहीं, बिल्कुल नहीं।

एक औरत को माँ बनने के लिए ना केवल शारीरिक परिवर्तनों का सामना करना पड़ता है बल्कि मानसिक तौर पर भी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।

जो लड़की कल तक शायद खुद की ज़िम्मेदारी ठीक से संभाल नहीं पाती थी, रातों रात एक जिम्मेदार माँ के चोले से ढ़क दी जाती है, कोई नहीं पूछता उसने भी कि किन परेशानियों से उसे भी जूझना पड़ रहा है उसे भी?

पहली बार माँ बनने का अनुभव जितना ख़ास होता है शायद उतना ही अवसादपूर्ण होता है कई महिलाओं के लिए क्यूँकी उन्हें समझ में ही नहीं आता है कि कैसे खुद को संभालें और कैसे उस नन्हीं की जान को?

क्या किया जाए इस स्थिति से बचने के लिए?

1.सबसे पहले माँ को मानसिक संबल दिया जाए कि उसमें इतनी ताकत खुद भगवान ने दी है कि वह इस अनुभव को यादगार बना सके।

2.उसे अकेला न छोड़ा जाए,अगर परिवार में उस समय कोई मदद के लिए नहीं उपलब्ध नहीं है तो आया और दाई को पहले से ही नियुक्त कर लिया जाए।

3.अगर परिवार साथ में है तो जज्जा की पूरी तरह से देखभाल की जाए ना कि बार बार इस बात का एहसास कराया जाये कि वो क्या दवाब महसूस कर रहे है इस बदलाव से?

4.प्यार,अपनापन,स्नेह हर घाव को जल्दी भरने में मदद करता है चाहे वो शारीरिक हो या मानसिक। इस समय पति का रोल भी बहुत अहम् हो जाता है, जितना ज्यादा वक़्त वह पत्नी और नवजात शिशु के साथ बिताएगा उतना ही मनोबल और ढाढ़स पत्नी को मिलेगा।

5. नवजात शिशु और जज्जा की नींद ठीक तरह से पूरी हो, इस बात का ख़ास ख्याल रखा जाना चाहिए।

6.माँ के खान पान का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए जिससे कि वह जल्दी से जल्दी खुद को स्वस्थ महसूस कर सके।

7. माँ खुश रहे इस बात को पूरी तवज्जों दी जानी चाहिए। नींद पूरी न होने की वजह से या किसी और कारण से अगर वह खुश नहीं है तो इसे गंभीरता से लेना चाहिए और डॉक्टर की सलाह अवश्य लेनी चाहिए।

माँ बनना एक जिम्मेदारी है एक नयी ज़िंदगी को जन्म देने की और एक नए सफ़र की शुरुआत करने की जिसमें यदि पूरे परिवार का प्यार और सहयोग साथ हो तो ये सफ़र बहुत सुखदाई और यादगार हो जाएगा।

तेरा मेरा रिश्ता #करवाँचौथस्पेशल

ना जाने कौनसा तार जुड़ा हुआ है दिल का तुमसे,
नज़रें हट भी जाए चेहरे से तो यादों के साए घेरे।

अब तो साँसे भी पहचानती है आहट को तेरी,
बोलो न बोलो तुम,महसूस होती है आशिक़ी आँखों से तेरी।

हर बात घूम फ़िर कर तुम पर ही आकर ठहर जाती है,
तुमसे ही शुरू होती है ज़िंदगी और तुम पर ही खत्म हो जाती है।

लगते हो प्यारे तुम ख़ुदा की नेमत जैसे,
हर नाजुक घड़ी में दिल तेरा साथ ढूंढ़े।

माँगती हूँ रब से हर पल तेरी सलामती की दुआ,
तू है हमसाया मेरा और मैं तेरी रहनुमा।

©®दीपिका

करवाँ चौथ की ढेरों शुभकामनाएं

My Singing “Karwa Choth Surprise” for Husband

https://youtu.be/YdgXBWFPmZA