नई खुशियों के द्वार

नई खुशियों के द्वार…

जब खुद को समझाना मुश्किल लगने लगे, जब हर अपना बेगाना लगने लगे,

जब हर बात दिल को दुःखाने लगे, जब आंखें भी सबसे नज़रें चुराने लगे।

तो समझ लेना कि मन घावों से भर गया है, ना चाहते हुए भी मन में कुछ गढ़ सा गया है।

ये समय है खुद को नकारात्मक विचारों से दूर करने का,जो घट चुका है उसे भुलाकर आगे बढ़ने का।

क्योंकि जब तक हम उन्हीं बातों में उलझे रहेंगे,अपने उत्साह को पल पल खोते रहेंगे।

जरूरी नहीं कि एक बार जो गलत हुआ है, वो बार बार ही अपने आप को दोहराएगा,जो हो रहा है उसमें छिपा हो सकता है कोई मक़सद जिसका आभास आपको भविष्य ही करवाएंगा।

अपनी खुशियों की चाबी अपने हाथ में ही रखिये,दूसरों को मत दीजिये, ये समझना भी अब जरूरी हो जाता है,

कब तक भटकते रहोगे आप गम के अंधेरों में, खुद को एक मौका देना भी नई खुशियों के द्वार खोल जाता है।।

©®दीपिका मिश्रा

उम्मीद

ना जाने क्यूँ आज सब कुछ धुआँ धुआँ सा लग रहा है।

अश्क दरियां सी और मन सागर सा भरा लग रहा है।

ऐसा नहीं है कि हम जानते नहीं उन्हें,

पर फिर भी न जाने क्यूँ उनके सजदे में ये सिर झुक रहा है?

सोच की गहराइयों पर भी उनका कब्ज़ा है,

ख्याबों की उड़ान पर भी कोई अनदेखा पहरा है।

फिर भी सब जानते हुए भी ये दिल गुस्ताख़ी कर रहा है।

बदल जायेगे वो हर पल ये इबादत कर रहा है।

इसी उम्मीद में कि शायद एक दिन वो समझ जायेगें,

और इस वीराने में भी उम्मीदों के फूल अपनी खुशबू फैलायेगे।

बहानें

ना करने के बहानें ढूंढों तो एक नहीं हज़ार मिल जाएगें।

और अगर करने जाओ तो छोटे छोटे तिनके भी रोड़े अटकायेगे।

तो क्या करे, हार मानकर बैठ जाए?

या झकझोरे अपने विश्वास को और सब भुलाकर आगे बढ़ते जाये।

रोज गिरे, रोज उठे पर मरने ना दें अपने एहसास को।

कर सकते है और हो भी जायेगा बस छोड़े अपने डर और डर से पैदा होने वाले हर अविश्वास को।

फिर यही रास्ता अपनी मंज़िल की राह खुद दिखलाएगा।

और आत्मविश्वास का सूरज हर अँधेरे को चीरता हुआ अपनी ही रोशनी से जगमगाएगा।

5000 Views Completed!

Hello Friends!

How are you all? I hope you are doing good.

Today I am here to make an announcement.

5000 views completed on my blog!

I honestly don’t track views regularly.

I opened my blog’s insight today and I came to know that 5000 Views has been crossed.

I thought I should thank you all. And this is the best way to express my gratitude for all the readers.

“हौंसला अगर पक्का हो तो सपनों को भी पंख लग जाते हैं।

कोशिश अगर सच्ची हो तो मुश्किल में भी राह निकल आती है।

बस बढ़ाना हैं, एक एक कदम मंजिल की ओर

और मंजिल खुद फ़ासला कम करती जाती है।

#deepikawrites

I want to shout out for the WordPress community. They supported me in my ups and downs.

A big thanks to all the readers who supported me to grow as a motivational blogger and poet.

I am glad my new experiment through my poetries is liked by many of you.

I am overwhelmed. This is the result of the last 5 months of continuity & hard work.

This is not possible without your support. I am glad I started writing for Hindi readers also through my Hindi poetries.

Give your suggestions and feedbacks in the comment section below.

Regards & Gratitude

Deepika

2000 Views Completed!!!

Hello all!!

I hope you all are doing good.

I wanted to make it earlier but I don’t know for what reason I didn’t register that but this time I don’t want to lose this special opportunity to thank them who are supporting me from day 1 to till now.

Thanks a lot guys for supporting me and inspiring me always to try more harder.

2000 views completed. This is a very big achievement for me.

I couldn’t imagine that you people would support me like this in my journey.

A very big thanks to all of you!!!! Please continue it like this only. It motivates me a lot.

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Passionate and Enthusiastic mom of two kids, Homemaker, Now blogger also on My Aspiring hope.

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