जंग जीवन की

साँसें चल रही है तो उम्मीद अभी भी बाकी है।
हारी नहीं हूँ मैं, कोशिश अभी भी जारी है।

माना कि मुश्किलों भरी है राह मेरी,
पर ढिगा नहीं है विश्वास मेरा, जंग अभी भी जारी है।

फिर उठूँगी गिर कर भी मैं, लड़खड़ाते क़दमों से भी,
कोई हो ना हो साथ मेरे पर ज़िन्दगानी अभी भी बाकी है।

भले ही जल गई हो लकड़ियाँ मेरे चूल्हे की,
पर उनकी राख अभी भी बाकी है।

जख्म हरे कर जाते है कुछ घाव पुराने भी,
आँखों में नमी हो भले ही पर होठों पर मुस्कान अभी भी बाकी है।

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Friends and Friendship: Poetry Expression!

Hello Friends!

I know, I am posting it late but I believe every day is a right day to express your feelings towards your loved ones.

Belated Happy Friendship Day to all my lovely friends in the community.

Thanks for supporting me always and guiding me with the valuable suggestions.

Here is today’s poem dedicated to friends and friendship.

“एक पाती दोस्ती के नाम”!

दोस्त बनाए नहीं जाते बन जाते है,
खुद बखुद रिश्तों के तार जुड़ जाते है।

दोस्त तेरी दोस्ती ने खुशकिस्मत बना दिया।
जो सजदा कहीं न मिला वो तेरी आँखों ने बयां किया।

तू मुझ से ज्यादा मुझ पर भरोसा दिखाता है।
ऐ दोस्त! बता ना, तुझे मुझमें ऐसा क्या नज़र आता है?

कहीं बार गिर कर उठा हूँ मैं तेरा सहारा लेकर,
ख़ुदा का बंदा है तू! भूल जाता है खुद दुआएँ देकर।

दुआ है बस, तेरा मेरा साथ यूँ ही बना रहे।
भले ही अलग हो जाए राहें, पर मंज़िलें आकर मिला करे।

For English readers, I am not translating this one yet expressing the same feeling. I hope you like it.

Some friends are really like a support system.

Never ditch you either in the worst situations.

They are very clear about their friendship goals.

Always ready to help their friend in each up and downs.

This gesture of my friend fills me with gratitude.

You are an awesome personality with a lovely attitude.

#deepikawrites

You can also read one of my Hindi poem on friendship. Here is the link.

“Dost Teri Dosti”

https://myaspiringhope.wordpress.com/2019/07/02/dost-teri-dosti/

I hope you will like the poem. Thanks for reading.

Stay tuned.

Regards and Gratitude,

Deepika

दोस्त तेरी दोस्ती! Hindi Poetry

Hello Friends!

I am here again with a Hindi poetry on Friends & Friendships.

Title of the poem is “Dost Teri Dosti”

Here it is,

कुछ दोस्त ऐसे होते है जो हौंसला टूटने नहीं देते।

बदली हुई फिज़ाओं में भी हाथ छूटने नहीं देते।

नीयत है बिल्कुल साफ़ उनकी, गिरने नहीं देंगे ऐ दोस्त तुझे।

कितनी भी मुश्किलें आये राह में लेकिन फिर भी कदम मिला कर चलेगे।

इतना ही हौंसला गिर के उठने के लिए काफ़ी है ऐ दोस्त!

शायद जो अपने भी न कर पाए वो तू कर रहा है मेरे दोस्त!

तुझे पता भी नहीं है, तेरी उम्मीदों की रोशनी तले एक और दिया जल रहा है।

तू खुद भी आगे बढ़ रहा है और तेरे पीछे पीछे तेरे रहनुमाओं का कारवां चल रहा है।

Thanks for reading!

Regards & Gratitude

Deepika

उम्मीद

ना जाने क्यूँ आज सब कुछ धुआँ धुआँ सा लग रहा है।

अश्क दरियां सी और मन सागर सा भरा लग रहा है।

ऐसा नहीं है कि हम जानते नहीं उन्हें,

पर फिर भी न जाने क्यूँ उनके सजदे में ये सिर झुक रहा है?

सोच की गहराइयों पर भी उनका कब्ज़ा है,

ख्याबों की उड़ान पर भी कोई अनदेखा पहरा है।

फिर भी सब जानते हुए भी ये दिल गुस्ताख़ी कर रहा है।

बदल जायेगे वो हर पल ये इबादत कर रहा है।

इसी उम्मीद में कि शायद एक दिन वो समझ जायेगें,

और इस वीराने में भी उम्मीदों के फूल अपनी खुशबू फैलायेगे।

बहानें

ना करने के बहानें ढूंढों तो एक नहीं हज़ार मिल जाएगें।

और अगर करने जाओ तो छोटे छोटे तिनके भी रोड़े अटकायेगे।

तो क्या करे, हार मानकर बैठ जाए?

या झकझोरे अपने विश्वास को और सब भुलाकर आगे बढ़ते जाये।

रोज गिरे, रोज उठे पर मरने ना दें अपने एहसास को।

कर सकते है और हो भी जायेगा बस छोड़े अपने डर और डर से पैदा होने वाले हर अविश्वास को।

फिर यही रास्ता अपनी मंज़िल की राह खुद दिखलाएगा।

और आत्मविश्वास का सूरज हर अँधेरे को चीरता हुआ अपनी ही रोशनी से जगमगाएगा।