तन्हाईयाँ

भरी भीड़ में भी जो तन्हाईयाँ ढूंढ़ता है, वो मेरा अक़्स ही तो है जो एक मनपसंद आईना ढूंढ़ता है।

शायद उसको आदत हो गई है खुद ही कहकर खुद ही सुनने की,पर फिर भी हर दूसरे पल आहट पर बंद दरवाजा खोलता है।

भरी भीड़ में भी जो तन्हाईयाँ ढूंढ़ता है, वो मेरा अक़्स ही तो है जो एक मनपसंद आईना ढूंढ़ता है।

वो क्या समझेगा गुमनामी को उसकी?जो खुद गुमशुदा होकर अपना नाम पता पूछता है।

भरी भीड़ में भी जो तन्हाईयाँ ढूंढ़ता है, वो मेरा अक़्स ही तो है जो एक मनपसंद आईना ढूंढ़ता है।

चाहत को उसकी समझना इतना भी आसां नहीं है। जो ना आँखों से, ना ही शब्दों से अपना गम बयां करता है।

भरी भीड़ में भी जो तन्हाईयाँ ढूंढ़ता है, वो मेरा अक़्स ही तो है जो एक मनपसंद आईना ढूंढ़ता है।

©®दीपिका

https://www.instagram.com/p/B8whO53HnR9/?igshid=16xt8nrrrpeob

https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/02/10/bejuba-pyar/

बेजुबां प्यार

प्यार एक अनुभूति है, एक एहसास है।

शब्दों में बयां करना पड़ता नहीं इसे, गर बोलते आपके जज़्बात है।

गर बिन बोले समझ जाएं वो मेरी हर अनकही को, मेरे लिए वो ही सच्चा प्यार है।

और प्यार में दिखावे की कतई जरूरत नहीं होती, जो करे इज़्जत और कद्र मेरी शख्सियत की, वो ही सच्चा यार है।

नैनों से बातें करने की कला सबको आती नहीं है।

चुपके से नज़रें चुराकर दीदार की उसकी आदत मुझे सबसे ज्यादा भाती है।

जब भी आँखे बंद करके माँगा तुम्हें, तुम सामने ही थे।

शायद समझते थे मेरी बंदिशों को इसलिए मेरी दुआओं में थे।

हाथ पकड़ कर साथ साथ चलना ही आशिकी नहीं है।

साथ निभाना एक दूसरे की मुश्किलों में ही असली चुनौती है।

प्यार एक अनुभूति है, एक एहसास है।

शब्दों में बयां करना पड़ता नहीं इसे, गर बोलते आपके जज़्बात है।

©®दीपिका

कविता को सुनने के लिए क्लिक करे इस लिंक पर।

https://youtu.be/5kZ9Tf4Q_Rc

तेरा मेरा रिश्ता

https://myaspiringhope.wordpress.com/2019/10/17/tera-mera-rishta/

तेरा मेरा साथ

https://myaspiringhope.wordpress.com/2019/11/27/tera-mera-sath/

माँ का प्यार

माँ के चरणों में संसार और आँचल में ढ़ेर सारा प्यार होता है।
चाहे दुनिया इधर की उधर हो जाए, माँ का प्यार अपने बच्चे के लिए कभी भी कम नहीं होता है।

माँ के हाथ के बने खाने का दुनिया में कोई मोल नहीं है।
कैसे तोल सकता है कोई तेरे प्यार को, ए माँ! ये कोई बिकाऊ थोड़े ही है।

बस अपना प्यार और आशीर्वाद सदा यूँ ही बनाए रखना, माँ!
तुम जुग जुग जिओ हज़ारों साल, ये ही है तेरे बच्चे की दुआ, माँ।

कितने दुःख दर्द वो अपने बच्चे के लिए हँसते हँसते पी जाती है।

दुःख तो तब होता है जब उसके निःस्वार्थ प्रेम को स्वार्थ की परिभाषा दी जाती है।

शायद समझा नहीं सकती है वो अपनी भावना को शब्दों में।

बच्चा बस खुश रहे, तरक्की करे, ये ही दुआ होती हआई उसकी प्रार्थनाओं में।।

माँ के चरणों में संसार और आँचल में ढ़ेर सारा प्यार होता है।

चाहे दुनिया इधर की उधर हो जाए, माँ का प्यार अपने बच्चे के लिए कभी भी कम नहीं होता है।

©®दीपिका

https://myaspiringhope.wordpress.com/2019/08/23/maa-ek-pharishta/

खुद का मोल।

दौलत कमाना आसान है, दुआएं नहीं।

हम भर ले उड़ान कितनी ऊँची ही, पर रहना तो है इसी धरातल पर यही कहीं।।

पैसों का मोल देकर शायद इंसानियत अब भी खरीदी नहीं जा सकती।

सब कुछ खत्म हो जाएँ तो भी अंदर की रूहानियत इतनी आसानी से कहीं नहीं जाती।।

वो वही रहती है उसके अंदर, उसकी अंतरात्मा उसे कचोटती है।

क्यूं पड़ जाते है मोह माया के चुनाव में?

और वो रूह की अच्छाई कहीं दफ़न हो जाती है।

पर कोई नहीं, अच्छाई मरी नहीं है पूरी तरह से अभी भी लोगों में।

औरों के घर का दिया बुझाकर, खुद का चमन रोशन करने की कला हमें अभी भी नहीं आती है।

दौलत कमाना आसान है, दुआएं नहीं।

हम भर ले उड़ान कितनी ऊँची ही, पर रहना तो है इसी धरातल पर यही कहीं।।

©®दीपिका

https://myaspiringhope.wordpress.com/2019/11/04/khud-ki-suno/

लक्ष्य जरूर बनाओ।

लक्ष्य जरूर बनाओ, दुनिया को बताओ या ना बताओ।
छोटे छोटे ही सही पर एक एक कदम आगे बढ़ाओ।।

ये कर्मक्षेत्र है तुम्हारा, तो जाहिर है कि अधिकार क्षेत्र भी, तुम्हारा ही होगा।
हर सही गलत में संभल कर कंकड़ों से खालिश हीरा अब चुनना ही होगा।।

हार मान जाना, हल नहीं है किसी भी मुश्किल का।
आँसू पोंछ कर, अब नई ऊर्जा से अपनी बाजुओं में बल भरना ही होगा।।

तुम युवा हो, संभावनाओं का असीम भंडार है तुम में।
अपने हर डर से लड़ते हुए अब खुद अपने लिए चुनौती बनना ही होगा।।

©®दीपिका

https://youtu.be/pXyI8JvVPHU

जरूर देखे, क्या है ज़िंदगी?

https://youtu.be/6p8LLp1gyNg