मन की शांति

जीती थी जो औरों की मन की शान्ति के लिए,
गैरों की हँसी और अपनों की खुशी के लिए।

आज देखकर उसे एक नया अनुभव हुआ,
छोड़ते हुए जिसने कड़वे लम्हों को पीछे, खुद के लिए जीने का निश्चय किया।

कट तो रही थी ज़िंदगी यूँ भी शनै: शनै:।
पर सलीके से ज़िंदगी जीने के लिए कुछ नए पैमानों को गढ़ा गया।
कुछ छोड़ा तो कुछ नया रचा गया।

बदल रही है अब उसकी भी सोच बदलती हवाओं के साथ,
खो नहीं सकती अब शांति वो भी अपने मन की, हर बदलती जरुरतों के साथ।

एक नया आशियाँ अब उसने भी बनाया है।उस अँधेरी रात के बाद फिर नया सवेरा आया है।

ज़िंदगी जीने के तरीके अब उसके भी बदल गए है।कुछ और ना सही पर उसके हौंसलों को पंख मिल गए है।

अब मुश्किल है शायद पीछे मुड़ना, मंजिलों की राहों को छोड़ कर,

यूँ ही चलते चलते अब इन राहों पर ज़िंदगी जीने के नए बहाने मिल गए है।

You can read another Hindi poem here.

Aurat Teri Kahani”

https://myaspiringhope.wordpress.com/2019/08/30/aurat-teri-kahani/

Regards & Gratitude,

Deepika

Motivational Quotes: #Deepthoughts Quote7

Hello Friends!

Good Morning!

How are you all?

Here I continue with the next quote of the motivational quotes series, Quote7.

Motivational Quotes

#Deepthoughts Quote7

Don’t run for success. Run for the accomplishments of the goals. You will get the path of success.

#deepikawrites

Regards & Gratitude,

Deepika

दोस्त तेरी दोस्ती! Hindi Poetry

Hello Friends!

I am here again with a Hindi poetry on Friends & Friendships.

Title of the poem is “Dost Teri Dosti”

Here it is,

कुछ दोस्त ऐसे होते है जो हौंसला टूटने नहीं देते।

बदली हुई फिज़ाओं में भी हाथ छूटने नहीं देते।

नीयत है बिल्कुल साफ़ उनकी, गिरने नहीं देंगे ऐ दोस्त तुझे।

कितनी भी मुश्किलें आये राह में लेकिन फिर भी कदम मिला कर चलेगे।

इतना ही हौंसला गिर के उठने के लिए काफ़ी है ऐ दोस्त!

शायद जो अपने भी न कर पाए वो तू कर रहा है मेरे दोस्त!

तुझे पता भी नहीं है, तेरी उम्मीदों की रोशनी तले एक और दिया जल रहा है।

तू खुद भी आगे बढ़ रहा है और तेरे पीछे पीछे तेरे रहनुमाओं का कारवां चल रहा है।

Thanks for reading!

Regards & Gratitude

Deepika