जिंदगी तेरे रूप अनेक….

कभी देखा है जिंदगी को गौर से, कितनी समझ में आएंगी ये भी सबकी समझ के ऊपर ही निर्भर करता है।
जितने लोग, उतने नज़रिए, जितनी सोच, उतनी बातें। सही भी है, पांचों ऊंगलियां कब बराबर होती है और होनी भी नहीं चाहिए।

कभी हमारे नज़रिए से कुछ सही होता है तो कभी हम दूसरों के नज़रिए को समझ नहीं पाते, कभी उसी बात को हँसी में टाल देते है तो कभी उसी पर रूठ जाते है।कुल मिलाकर बस अपने अहम को पोषित करते रहते है।

शायद कभी अपने मैं से बाहर निकल ही नहीं पाते ,जो हमारे अहम को स्वीकार करता है वो सही और जो नहीं, वो गलत बन जाता है, दूसरे को अपनी जगह पर रख कर सोच पाने में हम आज भी सक्षम नहीं है।

शायद रिश्तों का मायाजाल है ये सब, जिसके मोह में हम कहीं उलझ कर रह जाते है, किसे छोड़े, कहाँ जाएँ, कुछ पता नहीं…जब तक मसरूफ़ियत रहती है तब तो ठीक है, वरना खाली मन तो ना जाने कहाँ तक टहल आता है।

ऐ मन! तू अच्छा करता है।

ऐ मन! तू अच्छा करता है,

जो खुद रोकर अपने आँसू खुद ही पोंछ लेता है।

अच्छा करता है जो किसी भ्रम में नहीं जीता है,

अपने स्वाभिमान को तार तार नहीं होने देता है।

ऐ मन! तू अच्छा करता है।

कोई आएंगा और पोछेंगा आँसू मेरे, इस भुलावे में नहीं जीता है।

खुद गिरता है तो खुद उठने की भी ताकत रखता है।

खुद देता है खुद को संबल, और खुद ही अपनी राह चुनता है।

ऐ मन! तू अच्छा करता है।

दूसरे आएंगे तो मुमक़िन है कि सिर्फ़ तेरी गलतियाँ ही बताएंगे,

घाव पर मरहम लगाने की बात कहकर, जख्मों को ही कुरेद जाएंगे

बची हुई आस और हिम्मत पर भी प्रश्न चिन्ह लगाएंगे।

तेरे दामन में है कितने दाग, ये बार बार तुझको ही गिनवाएंगे।

फिर आएंगे कहकर, बीच राह में ही छोड़ जाएंगे।

तू समझाता रह जाएंगा खुद को और वो अपनी दुनिया में ही मस्त हो जाएंगे।

ऐ मन! तू अच्छा करता है,जो खुद रोकर अपने आँसू खुद ही पोंछ लेता है।

अच्छा करता है जो किसी भ्रम में नहीं जीता है,अपने स्वाभिमान को तार तार नहीं होने देता है।

©®दीपिका

यहाँ पढ़े।

“क़ाफी हूँ मैं”!!

https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/05/18/kafi-hu-mai/

यहाँ सुने।

“अभी थमी नहीं ज़िंदगी”!!

https://youtu.be/W9gegLb7TlU

वक़्त का मोल

हर किसी के पास उतना ही वक़्त होता है,

समय का पहिया भी सबके लिए बराबर ही घूमता है,

और यहाँ तक कि सूरज का निकलना और अस्त होना भी सबके लिए एक समान ही होता है।

जब प्रकृति ने ही भेदभाव नहीं किया हमारे साथ, तो हम कैसे कर सकते है?

क्यूँ खुद को कम आँक कर खुद से ही धोखा कर सकते है?

क़ाबिल है सभी, बस अपनी क्षमताएँ पहचानने में देर कर देते है।

जो समझ जाते है अपनी अहमियत, वो फिर कभी पीछे मुड़ कर नहीं देखते है।

वो फिर कभी पीछे मुड़ के नहीं देखते है।

~~दीपिका

अहमियत


समझाना जितना जरूरी है, उतना समझना भी।बोलना जितना जरूरी है उतना सुनना भी।

बस यूँ ही कल्पनाओं के संसार में जिया नहीं जा सकता है। और बस यूँ ही एकतरफ़ा इन राहों पर चला नहीं जा सकता है।

शिकायतों के काँटों के बीच कुछ मुस्कराते फूल भी होने चाहिए।

किसी में कैसे हो सकती है सिर्फ कमियाँ ही, ये भी तो समझना चाहिए।

गर दे नहीं सकते साथ किसी का तो, बस सुन ही लो उसकी पुकार, यारों!

अँधेरोंमें भटकने के बाद दुबारा रोशनी पाने का उसका भी है अधिकार, यारों!

बोलना जितना जरूरी है उतना सुनना भी।

समझाना जितना जरूरी है उतना समझना भी।

~~दीपिका

कविता सुनने के लिए यहाँ क्लिक करे।

https://youtu.be/FvsmhObVUH8

खुद की सुनो।

अजीब दस्तूर है दुनिया का!

कुछ न करो तो “निकम्मा”
और करो तो “खुदगर्ज़” कहती है।

बेफिक्र होकर जियो तो “लापरवाह”
और कदम फूँक फूँक कर रखो तो “डरपोक” कहती है।

ज्यादा खर्च करो तो “दिखावा”
और बज़ट के अनुसार चलो तो “कंजूस” कहती है।

दूसरों के कहे अनुसार जीने लगे तो शायद ही आगे बढ़ पायेगें,
दिल में दबे अरमान और कुछ करने का जूनून यूँ ही घुट घुट कर दम तोड़ जायेगें।

ज़िंदगी जीनी है तो “जिंदादिली” से जिओ।
“कुछ तो लोग कहेगें ही, लोगों को कहने दो” की सोच को जहन में जिन्दा रखो।

©®दीपिका

https://anchor.fm/deepika-mishra/episodes/Khud-Ki-Suno-ec65ti

जिंदगी सबसे बड़ी गुरु है।

जिंदगी सबसे बड़ी गुरु है, जीना सिखा देती है।
आँखों से गिरे हर आँसू को पीना सिखा देती है।

जो जाते है गर तारें अगर मायूसियों की गर्दिशों में,
उन्हें रोशनी का नया सूरज दिखा देती है।

आते है बहुत से दो राहें मंजिलों की चाह में,
पर है शुक्रिया तेरा, ए जिंदगी! तू हर बार गिरकर उठना सिखा देती है।

ग़मों की गहराइयों और सुखों की परछाईयों में,
अपनों और परायों की पहचान सिखा देती है।

जिंदगी सबसे बड़ी गुरु है जीना सिखा देती है।
मुश्किलों भरी ज़मीन पर ख्वाइशों के फूल खिला देती है।

©®दीपिका

Now you can also listen to the poem. Here is the link.

https://youtu.be/NXZjA055AEU

You can also read

जिंदगी का सफ़र”

https://myaspiringhope.wordpress.com/2019/06/06/zindagi-ka-safar/

Motivational Quotes: #Deepthoughts Quote6

Good Morning Friends!

Welcome back to #Deepthoughts

Quote6

“Life is unpredictable. Whatever you want to do, do it now, don’t wait for tomorrow. You never know either you get the chance to fulfil it or not.”

#deepikawrites

Regards & Gratitude,

Deepika