यादों की बारात!

यादें कुछ खूबसूरत सी तो कुछ बदरंग यादें।

जहन में जिंदा रहती है बनकर कभी सबक़ तो कभी खुशनुमा सौगातें।

हर बीता पल एक याद बन जाता है,

चाहे तो भी वो वक़्त बदला नहीं जाता है।

यादें एक ख़ूबसूरत गुलदस्ते की तरह भी होती है,

जिसमें अलग अलग रंग के फूल अपनी खुशबू बिखेरते है।

कुछ जहन में बस जाते है,

तो कुछ को हम सिर्फ भूल जाना चाहते है।

यादें गवाह होती है हमारी शुरुआत की,

हमारे आगाज़ की तो हमारे अंज़ाम की।

हमारे परवाज़ की और हमारी ढ़लान की।

कुछ बुलंदियों की और उनकी चुनौंतियों की।

ऐसे ही चलता रहता है कारवाँ भूली बिसरी यादों का,

कुछ बेहद खूबसूरत तो कुछ बैरंग बातों का।

होती है!

यादें कुछ खूबसूरत सी तो कुछ बदरंग यादें।

जहन में जिंदा रहती है बनकर कभी सबक़ तो कभी खुशनुमा सौगातें।

©® दीपिका

भावनाओं का एक्स रे!

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वक़्त जो ठहर सा गया है!

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वजह तुम हो!

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सपनों की उड़ान!

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थमी नहीं है ज़िंदगी!

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सुकून की तलाश!

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नई सहर रोशनी वाली!

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वक़्त जो रुकता नहीं।

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प्यार की ताक़त!https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/18/pyar-ki-taakat/

माँ की जादूगरी!https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/17/maa-ki-jaadugari/

नज़रिये का फेर!https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/16/nazariye-ka-pher/

मन की सुंदरता!https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/15/man-ki-sundarta/

लम्हे जो बीत गए है।https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/14/lamhe-jo-beet-gaye-hai/

बीते कल की परछाई!https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/13/beete-kal-ki-parchaai/

जंग दिल और दिमाग की!https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/11/jang-dil-aur-dimag-ki/

हज़ारों बहाने है जीने के!https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/09/hazaro-bahane-hai-jeene-ke/

गमों के बादल!https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/08/gamo-ke-baadal/

वो एक फ़रिश्ता!https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/06/vo-ek-pharista/

इंसानियत कुछ खो सी गई है!https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/06/insaaniyat-jo-kuch-kho-si-gayi-hai/

और भी दर्द है इस ज़माने में!https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/04/aur-bhi-dard-hai-is-zamane-main/

चलो फिर से शुरू करते है।https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/03/chalo-phir-se-shuru-karte-hai/

बेमक़सद जीना भी कोई जीना है?https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/01/bemaksad-jina-bhi-koi-jina-hai/

अजीब दास्तां है ये!https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/01/ajeeb-dastaan-hai-ye/

भावनाओं का एक्स रे!

“जाकी रही भावना जैसी, प्रभु मूरत देखी तिन तैसी”

रामचरितमानस की ये पंक्तियाँ अपने आप में सम्पूर्ण है , भावनाओं की परख की समझ पैदा करने के लिए।

भावनाओं का एक्स रे!

जिसकी जैसी भावना होती है, वो वैसा ही प्रतिबिम्ब दूसरों में देखता है।

अगर अच्छी सोच वाला है तो अच्छा और गर मन में मैल भरा है तो बुराई ही ढूँढता है।

जिसकी जैसी भावना होती है, वो वैसा ही प्रतिबिम्ब दूसरों में देखता है।

इतना भी मुश्किल नहीं होता ये पता लगाना कि मन में क्या चल रहा है?

सीधी राह चुनी है या मन में कोई चोर पल रहा है।शख्सियत को तोलने के तराजू पहले से तैयार कर लिये जाते है।

“अरे”…! “बेचारा,” “इसके बस का तो कुछ नहीं” के जुमले मन को तार तार किए जाते है।

ईर्ष्या, जलन, गुस्से और लोभ की भावनाएं कूट कूट के भर दी जाती है।

वो खुद अपने दुख से इतना दुखी नहीं होता जितना कि दूसरों के सुख में उसे दिक्कत महसूस होती है।

कभी प्यार के बदले प्यार बाँट कर को देखो, कितना सुकून मिलता है।

हर चीज़ नफ़ा और नुक़सान के तराजू में तोली नहीं जाती,

इंसान है तो इंसानियत को ज़िंदा रखने का फर्ज़ भी हमारा ही बनता है।

जिसकी जैसी भावना होती है, वो वैसा ही प्रतिबिम्ब दूसरों में देखता है।

अगर अच्छी सोच वाला है तो अच्छा और गर मन में मैल भरा है तो बुराई ही ढूँढता है।

©®दीपिका

वक़्त जो ठहर सा गया है!

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वजह तुम हो!

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सपनों की उड़ान!

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थमी नहीं है ज़िंदगी!

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नई सहर रोशनी वाली!

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वक़्त जो रुकता नहीं।

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माँ की जादूगरी!https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/17/maa-ki-jaadugari/

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मन की सुंदरता!https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/15/man-ki-sundarta/

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बीते कल की परछाई!https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/13/beete-kal-ki-parchaai/

जंग दिल और दिमाग की!https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/11/jang-dil-aur-dimag-ki/

हज़ारों बहाने है जीने के!https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/09/hazaro-bahane-hai-jeene-ke/

गमों के बादल!https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/08/gamo-ke-baadal/

वो एक फ़रिश्ता!https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/06/vo-ek-pharista/

इंसानियत कुछ खो सी गई है!https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/06/insaaniyat-jo-kuch-kho-si-gayi-hai/

और भी दर्द है इस ज़माने में!https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/04/aur-bhi-dard-hai-is-zamane-main/

चलो फिर से शुरू करते है।https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/03/chalo-phir-se-shuru-karte-hai/

बेमक़सद जीना भी कोई जीना है?https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/01/bemaksad-jina-bhi-koi-jina-hai/

अजीब दास्तां है ये!https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/01/ajeeb-dastaan-hai-ye/

खुद का मोल।

दौलत कमाना आसान है, दुआएं नहीं।

हम भर ले उड़ान कितनी ऊँची ही, पर रहना तो है इसी धरातल पर यही कहीं।।

पैसों का मोल देकर शायद इंसानियत अब भी खरीदी नहीं जा सकती।

सब कुछ खत्म हो जाएँ तो भी अंदर की रूहानियत इतनी आसानी से कहीं नहीं जाती।।

वो वही रहती है उसके अंदर, उसकी अंतरात्मा उसे कचोटती है।

क्यूं पड़ जाते है मोह माया के चुनाव में?

और वो रूह की अच्छाई कहीं दफ़न हो जाती है।

पर कोई नहीं, अच्छाई मरी नहीं है पूरी तरह से अभी भी लोगों में।

औरों के घर का दिया बुझाकर, खुद का चमन रोशन करने की कला हमें अभी भी नहीं आती है।

दौलत कमाना आसान है, दुआएं नहीं।

हम भर ले उड़ान कितनी ऊँची ही, पर रहना तो है इसी धरातल पर यही कहीं।।

©®दीपिका

https://myaspiringhope.wordpress.com/2019/11/04/khud-ki-suno/

क्यूँ कथनी और करनी में इतना अंतर है?

क्यूँ कथनी और करनी में इतना अंतर है?
भीतर के भाव और वाणी में छुपा ऱाज भयंकर है।

अच्छा सबको लगता है दो मीठे बोल प्यार के सुनना,
पर क्यूँ कल्पना के सागर और जीती वास्तविकता में इतना अंतर है?

जताया जाता है कि हम साथ खड़े है हर पल तुम्हारे,
तुम व्यर्थ डटे हो, हम ही तो दे रहे है बाजुओं को सहारे।

हर वक़्त बड़े होने का भाव दिखाया जाता है,
पर शायद बड़ा बनने के लिए भी बड़प्पन को पहले अंदर पनपाया जाता है।

क्यूँ ये समझना और समझाना इतना मुश्किल है?
क्यूँ कथनी और करनी में इतना अंतर है?भीतर के भाव और वाणी में छुपा राज़ भयंकर है।

©® दीपिका

जिंदगी सबसे बड़ी गुरु है।

जिंदगी सबसे बड़ी गुरु है, जीना सिखा देती है।
आँखों से गिरे हर आँसू को पीना सिखा देती है।

जो जाते है गर तारें अगर मायूसियों की गर्दिशों में,
उन्हें रोशनी का नया सूरज दिखा देती है।

आते है बहुत से दो राहें मंजिलों की चाह में,
पर है शुक्रिया तेरा, ए जिंदगी! तू हर बार गिरकर उठना सिखा देती है।

ग़मों की गहराइयों और सुखों की परछाईयों में,
अपनों और परायों की पहचान सिखा देती है।

जिंदगी सबसे बड़ी गुरु है जीना सिखा देती है।
मुश्किलों भरी ज़मीन पर ख्वाइशों के फूल खिला देती है।

©®दीपिका

Now you can also listen to the poem. Here is the link.

https://youtu.be/NXZjA055AEU

You can also read

जिंदगी का सफ़र”

https://myaspiringhope.wordpress.com/2019/06/06/zindagi-ka-safar/

मन की शांति

जीती थी जो औरों की मन की शान्ति के लिए,
गैरों की हँसी और अपनों की खुशी के लिए।

आज देखकर उसे एक नया अनुभव हुआ,
छोड़ते हुए जिसने कड़वे लम्हों को पीछे, खुद के लिए जीने का निश्चय किया।

कट तो रही थी ज़िंदगी यूँ भी शनै: शनै:।
पर सलीके से ज़िंदगी जीने के लिए कुछ नए पैमानों को गढ़ा गया।
कुछ छोड़ा तो कुछ नया रचा गया।

बदल रही है अब उसकी भी सोच बदलती हवाओं के साथ,
खो नहीं सकती अब शांति वो भी अपने मन की, हर बदलती जरुरतों के साथ।

एक नया आशियाँ अब उसने भी बनाया है।उस अँधेरी रात के बाद फिर नया सवेरा आया है।

ज़िंदगी जीने के तरीके अब उसके भी बदल गए है।कुछ और ना सही पर उसके हौंसलों को पंख मिल गए है।

अब मुश्किल है शायद पीछे मुड़ना, मंजिलों की राहों को छोड़ कर,

यूँ ही चलते चलते अब इन राहों पर ज़िंदगी जीने के नए बहाने मिल गए है।

You can read another Hindi poem here.

Aurat Teri Kahani”

https://myaspiringhope.wordpress.com/2019/08/30/aurat-teri-kahani/

Regards & Gratitude,

Deepika

माँ: एक फ़रिश्ता

शब्दों का जादू उसे खूब चलाना आता है,
वो माँ है, उसे सब पता चल जाता है।

मेरी आवाज से भाँप जाती है वो मेरे दर्द की गहराई को,
क्यूँ माँ? सच है ना,आप जान जाती हो, मेरी हर अनकही सच्चाई को

शब्द कम पड़ जाते है,जब भी लिखने बैठती हूँ आप के बारे में,
अब समझ पाती हूँ माँ, आपकी हर डांट के पीछे छिपी हुई भलाई को।

कहना चाहती हूँ बहुत कुछ, दिल में छुपा हुआ है।
आप का हाथ सिर पर हमेशा बना रहे बस, रब से इतनी सी दुआ है।

ऊपर भगवान और नीचे आपका कोई मोल नहीं है।

कौन पिरो सकता है माँ की ममता को शब्दों में, मेरे लिए तो ये सबसे पवित्र और अनमोल है।

आपकी हर सीख अब याद आती है माँ,हैरान हूँ तब इसे क्यूँ झुठलाती थी मैं माँ।

अजीब विडम्बना है, समय लगता है समझने में,बाद में तो सबसे अच्छी दोस्त बन जाती है माँ।