मज़बूरी!!

वो आएं थे ढेरों आरजूएं लेकर शहर की ओर,

अब जब जा रहे है तो बहुत सी ख़्वाहिशें दफ़न कर जा रहे है।

पता नहीं अब कब वापस आएंगे इन रास्तों पर मुड़ कर,

जिन पर नंगे पाँव चले जा रहे है।।

जिन्हें अपने सपनों को मंज़िल पहुँचाने के लिए चुना था,

अब उन्हीं राहों को पीछे छोड़े जा रहे है।

जो बनाते थे कभी सबके सपनों का घर,

आज वही एक छत और दो जून की रोटी की तलाश में

भटके जा रहे है।।

वो आएं थे ढेरों आरजूएं लेकर शहर की ओर,

अब जब जा रहे है तो बहुत सी ख़्वाहिशें दफ़न कर जा रहे है।।

जो गलियां, जो शहर लगता था कभी अपना सा,

अब वही क्यूँ परायों की गिनती में खड़े नज़र आ रहे है।

सोचा ना था!!

एक दिन ऐसा भी आएंगा जब सड़के सूनी और शहर

वीरान हो जाएंगा।

कोई मज़दूर बेउम्मीद होकर वापस लौट जाएंगा।।

©® दीपिका

इस लिंक पर क्लिक करके कविता सुनें।

https://youtu.be/APJPn4gEY7w

काफ़ी हूँ मैं!!

लोग उठाते है सवाल मेरी शख्सियत पर,
मेरे होने पर और कुछ खोने पर।

मेरे कुछ करने पर या थम कर सुस्ताने पर,
आगे बढ़ने पर और पीछे मुड़ के ना देखने पर।

मेरे हँसने पर या घंटों रोने पर, मेरे फैसलों पर और मेरी कबिलियत पर।

मेरे सपनों पर या हकीक़त से रुबरु होने पर, मेरी मंशाओं पर और होने वाली शंकाओं पर।

पर वो भूल जाते है कि मैं आज की नारी हूँ,
खुद ही खुद के लिए काफी हूँ।

हाँ, फर्क़ नहीं पड़ता मुझे अब जमाने की बेड़ियों से,
खुले आसमां में पंख फैलाकर उड़ना सीख चुकी हूं मैं।

खुद का और अपने जैसे अनगिनत का हौंसला बढ़ाती हूँ मैं।
मुश्किलों से घबराती नहीं हूँ मैं, खुद ही खुद के लिए काफी हूँ मैं।

खुद ही खुद के लिए काफी हूँ मैं

©®दीपिका

फिर करे ज़ीरो से शुरुआत!

चलो फिर से ज़ीरो से शुरू करते है।

जो छूट गया वो छूट गया, चलो फिर अपनी चाह को आशाओं से भरते है।

क्या हुआ जो बहुत कुछ पीछे छूट गया है,

क्या हुआ जो सब पहले जैसा नहीं है।

हम फिर से शुरू करते है,

सारी आशंकाओं को भूल कर के फिर से खुद को नई ऊर्जा से भरते है।

ऐसी कोई भी मुश्किल नहीं होती जिसका कोई हल नहीं होता।

हार और जीत तो बस दिमाग़ में होती है, हारते तभी है जब कोशिशों में दम नहीं होता।

काम करने के सही तरीके को जानना बेहद जरूरी होता है।

सिर्फ़ कोरी मेहनत करने से मनचाहा फल नहीं मिलता है।

मेहनत के साथ साथ अपना उत्साह भी जोड़ना पड़ता है।

तभी कोई काम ठीक से मुक्कमल होता है।

क्या हुआ जो सब बिखर गया है? फिर से समेट लेते है।

चलो फिर ज़ीरो से शुरू करते है

यादों की बारात!

https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/29/yaadon-ki-baarat/

भावनाओं का एक्स रे!

https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/28/bhavanayo-ka-xray/

वक़्त जो ठहर सा गया है!

https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/27/waqt-jo-thahar-sa-gaya-hai/

वजह तुम हो!

https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/24/vajah-tum-ho/

सपनों की उड़ान!

https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/24/sapno-ki-udaan/

थमी नहीं है ज़िंदगी!

https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/22/thami-nahi-hai-zindagi/

सुकून की तलाश!

https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/22/sukoon-ki-talash/

नई सहर रोशनी वाली!

https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/21/nayi-sahar-roshani-vali/

वक़्त जो रुकता नहीं।

https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/20/waqt-jo-rukta-nahi/

प्यार की ताक़त!https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/18/pyar-ki-taakat/

माँ की जादूगरी!https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/17/maa-ki-jaadugari/

नज़रिये का फेर!https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/16/nazariye-ka-pher/

मन की सुंदरता!https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/15/man-ki-sundarta/

लम्हे जो बीत गए है।https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/14/lamhe-jo-beet-gaye-hai/

बीते कल की परछाई!https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/13/beete-kal-ki-parchaai/

जंग दिल और दिमाग की!https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/11/jang-dil-aur-dimag-ki/

हज़ारों बहाने है जीने के!https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/09/hazaro-bahane-hai-jeene-ke/

गमों के बादल!https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/08/gamo-ke-baadal/

वो एक फ़रिश्ता!https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/06/vo-ek-pharista/

इंसानियत कुछ खो सी गई है!https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/06/insaaniyat-jo-kuch-kho-si-gayi-hai/

और भी दर्द है इस ज़माने में!https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/04/aur-bhi-dard-hai-is-zamane-main/

चलो फिर से शुरू करते है।https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/03/chalo-phir-se-shuru-karte-hai/

बेमक़सद जीना भी कोई जीना है?https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/01/bemaksad-jina-bhi-koi-jina-hai/

अजीब दास्तां है ये!https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/01/ajeeb-dastaan-hai-ye/

यादों की बारात!

यादें कुछ खूबसूरत सी तो कुछ बदरंग यादें।

जहन में जिंदा रहती है बनकर कभी सबक़ तो कभी खुशनुमा सौगातें।

हर बीता पल एक याद बन जाता है,

चाहे तो भी वो वक़्त बदला नहीं जाता है।

यादें एक ख़ूबसूरत गुलदस्ते की तरह भी होती है,

जिसमें अलग अलग रंग के फूल अपनी खुशबू बिखेरते है।

कुछ जहन में बस जाते है,

तो कुछ को हम सिर्फ भूल जाना चाहते है।

यादें गवाह होती है हमारी शुरुआत की,

हमारे आगाज़ की तो हमारे अंज़ाम की।

हमारे परवाज़ की और हमारी ढ़लान की।

कुछ बुलंदियों की और उनकी चुनौंतियों की।

ऐसे ही चलता रहता है कारवाँ भूली बिसरी यादों का,

कुछ बेहद खूबसूरत तो कुछ बैरंग बातों का।

होती है!

यादें कुछ खूबसूरत सी तो कुछ बदरंग यादें।

जहन में जिंदा रहती है बनकर कभी सबक़ तो कभी खुशनुमा सौगातें।

©® दीपिका

भावनाओं का एक्स रे!

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वक़्त जो ठहर सा गया है!

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वजह तुम हो!

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सपनों की उड़ान!

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थमी नहीं है ज़िंदगी!

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सुकून की तलाश!

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नई सहर रोशनी वाली!

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वक़्त जो रुकता नहीं।

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प्यार की ताक़त!https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/18/pyar-ki-taakat/

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चलो फिर से शुरू करते है।https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/03/chalo-phir-se-shuru-karte-hai/

बेमक़सद जीना भी कोई जीना है?https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/01/bemaksad-jina-bhi-koi-jina-hai/

अजीब दास्तां है ये!https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/01/ajeeb-dastaan-hai-ye/

भावनाओं का एक्स रे!

“जाकी रही भावना जैसी, प्रभु मूरत देखी तिन तैसी”

रामचरितमानस की ये पंक्तियाँ अपने आप में सम्पूर्ण है , भावनाओं की परख की समझ पैदा करने के लिए।

भावनाओं का एक्स रे!

जिसकी जैसी भावना होती है, वो वैसा ही प्रतिबिम्ब दूसरों में देखता है।

अगर अच्छी सोच वाला है तो अच्छा और गर मन में मैल भरा है तो बुराई ही ढूँढता है।

जिसकी जैसी भावना होती है, वो वैसा ही प्रतिबिम्ब दूसरों में देखता है।

इतना भी मुश्किल नहीं होता ये पता लगाना कि मन में क्या चल रहा है?

सीधी राह चुनी है या मन में कोई चोर पल रहा है।शख्सियत को तोलने के तराजू पहले से तैयार कर लिये जाते है।

“अरे”…! “बेचारा,” “इसके बस का तो कुछ नहीं” के जुमले मन को तार तार किए जाते है।

ईर्ष्या, जलन, गुस्से और लोभ की भावनाएं कूट कूट के भर दी जाती है।

वो खुद अपने दुख से इतना दुखी नहीं होता जितना कि दूसरों के सुख में उसे दिक्कत महसूस होती है।

कभी प्यार के बदले प्यार बाँट कर को देखो, कितना सुकून मिलता है।

हर चीज़ नफ़ा और नुक़सान के तराजू में तोली नहीं जाती,

इंसान है तो इंसानियत को ज़िंदा रखने का फर्ज़ भी हमारा ही बनता है।

जिसकी जैसी भावना होती है, वो वैसा ही प्रतिबिम्ब दूसरों में देखता है।

अगर अच्छी सोच वाला है तो अच्छा और गर मन में मैल भरा है तो बुराई ही ढूँढता है।

©®दीपिका

वक़्त जो ठहर सा गया है!

https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/27/waqt-jo-thahar-sa-gaya-hai/

वजह तुम हो!

https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/24/vajah-tum-ho/

सपनों की उड़ान!

https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/24/sapno-ki-udaan/

थमी नहीं है ज़िंदगी!

https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/22/thami-nahi-hai-zindagi/

सुकून की तलाश!

https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/22/sukoon-ki-talash/

नई सहर रोशनी वाली!

https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/21/nayi-sahar-roshani-vali/

वक़्त जो रुकता नहीं।

https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/20/waqt-jo-rukta-nahi/

प्यार की ताक़त!https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/18/pyar-ki-taakat/

माँ की जादूगरी!https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/17/maa-ki-jaadugari/

नज़रिये का फेर!https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/16/nazariye-ka-pher/

मन की सुंदरता!https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/15/man-ki-sundarta/

लम्हे जो बीत गए है।https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/14/lamhe-jo-beet-gaye-hai/

बीते कल की परछाई!https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/13/beete-kal-ki-parchaai/

जंग दिल और दिमाग की!https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/11/jang-dil-aur-dimag-ki/

हज़ारों बहाने है जीने के!https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/09/hazaro-bahane-hai-jeene-ke/

गमों के बादल!https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/08/gamo-ke-baadal/

वो एक फ़रिश्ता!https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/06/vo-ek-pharista/

इंसानियत कुछ खो सी गई है!https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/06/insaaniyat-jo-kuch-kho-si-gayi-hai/

और भी दर्द है इस ज़माने में!https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/04/aur-bhi-dard-hai-is-zamane-main/

चलो फिर से शुरू करते है।https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/03/chalo-phir-se-shuru-karte-hai/

बेमक़सद जीना भी कोई जीना है?https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/01/bemaksad-jina-bhi-koi-jina-hai/

अजीब दास्तां है ये!https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/01/ajeeb-dastaan-hai-ye/

वक़्त जो ठहर सा गया है!

कुछ लम्हें ऐसे आते है ज़िंदगी में, जब वक़्त ठहर सा जाता है

सब कुछ फ़ीका फ़ीका और बैरंग सा लगने लग जाता है।

कोई भी खुशी चेहरे पर चमक नहीं लाती है,और एक छोटी सी चोट भी रुला के जाती है।

मन भरा भरा सा लगने लग जाता है,और अतिउत्साही रहने वाला मैं भी खुद को शांत सा पाता है।

सारी आरजुएं कुछ पल के लिए कहीं दफ़न सी हो जाती है,देह तो क्या रूह तक भी आँसू बहा जाती है।

लगता है कि वक़्त ठहर सा गया है, बिन बोले भी जैसे बहुत कुछ कह सा गया है।

अगर इस वक़्त में हम हिम्मत हार जाते है तो आधी क्या बिना कोशिश किए पूरी जंग ही हार जाते है।

ऐसे ही कुछ कमज़ोर पल हमें गलत रास्तों की तरफ धकेल देते है,

पर बाद में बस पछतावा रह जाता है क्यूँकि हम खुद अपनी खुशियों का रास्ता बंद कर लेते है।

सही फैसला, सही सोच परिस्थितियों का रुख़ बदल सकती है,

जानती हूँ इतना आसां नहीं होता, ये समझना पर कोशिश तो कर ही सकती हूं।

कुछ लम्हें ऐसे आते है ज़िंदगी में, जब वक़्त ठहर सा जाता है।

सब कुछ फ़ीका फ़ीका और बैरंग सा लगने लग जाता है।

©® दीपिका

वजह तुम हो!

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सपनों की उड़ान!

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थमी नहीं है ज़िंदगी!

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सुकून की तलाश!

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नई सहर रोशनी वाली!

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वक़्त जो रुकता नहीं।

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प्यार की ताक़त!https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/18/pyar-ki-taakat/

माँ की जादूगरी!https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/17/maa-ki-jaadugari/

नज़रिये का फेर!https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/16/nazariye-ka-pher/

मन की सुंदरता!https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/15/man-ki-sundarta/

लम्हे जो बीत गए है।https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/14/lamhe-jo-beet-gaye-hai/

बीते कल की परछाई!https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/13/beete-kal-ki-parchaai/

जंग दिल और दिमाग की!https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/11/jang-dil-aur-dimag-ki/

हज़ारों बहाने है जीने के!https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/09/hazaro-bahane-hai-jeene-ke/

गमों के बादल!https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/08/gamo-ke-baadal/

वो एक फ़रिश्ता!https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/06/vo-ek-pharista/

इंसानियत कुछ खो सी गई है!https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/06/insaaniyat-jo-kuch-kho-si-gayi-hai/

और भी दर्द है इस ज़माने में!https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/04/aur-bhi-dard-hai-is-zamane-main/

चलो फिर से शुरू करते है।https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/03/chalo-phir-se-shuru-karte-hai/

बेमक़सद जीना भी कोई जीना है?https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/01/bemaksad-jina-bhi-koi-jina-hai/

अजीब दास्तां है ये!https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/01/ajeeb-dastaan-hai-ye/

गमों के बादल!

कैसे है आप सभी लोग? आशा करती हूं कि आप सभी लोग सकुशल अपने परिवार के साथ सुरक्षित होंगे।

चलिए “बातें कुछ अनकही सी,” के किस्से को आगे बढ़ाते है।

आज की कविता उस आशा के नाम, जिसका दीपक हम सभी के दिलों में जल रहा है। ज़ाहिर है कठिन वक्त है पर हौंसला नहीं खोना है।

गमों के बादल!

गमों के बादल छंट ही जाएंगे और फिर से रोशनी का नया सूरज निकलेगा।

फिर से खिल उठेगा आँगन, महकते फूलों की खुशबूओं से, फिर से ये वीराना चमन बनेगा।

आएंगे फिर से खुशियों के मौसम और फिर से कोई पगला दीवाना बनेगा।

सच है कि आसां नहीं होता, मायूँसियों के भँवर से बाहर निकलना,

पर ये भी सच है कि आशा की सिर्फ एक किरण से गमों का अंधेरा दूर भगेगा।

फिर से खिल उठेगा आँगन, महकते फूलों की खुशबूओं से, फिर से ये वीराना चमन बनेगा।

छोटी सी ही तो है ये ज़िन्दगानी, पता नहीं कब कौन आएगा और कब कौन चला जाएगा?

तो अच्छा है जब पता है इतनी बात, तो ये समझना और भी आसां हो जाएगा।

अगर साथ हो अपनों का तो हर मुश्किल का सामना करना आसां हो जाएगा।

पर गर हो अकेले तुम राहों में तो गम नहीं, खुद तेरा हौंसला ही तुझे राह दिखाएगा।

फिर से खिल उठेगा आँगन, महकते फूलों की खुशबूओं से, फिर से ये वीराना चमन बनेगा।

©® दीपिका

आशा करती हूं कि इस कविता ने थोड़ी सकारात्मकता जरूर दी होगी।

वो एक फ़रिश्ता!

https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/06/vo-ek-pharista/

इंसानियत जो कुछ खो सी गई है!

https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/06/insaaniyat-jo-kuch-kho-si-gayi-hai/

और भी दर्द है ज़माने में!

https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/04/aur-bhi-dard-hai-is-zamane-main/

पॉडकास्ट सुने।https://anchor.fm/deepika-mishra/episodes/Umeed-Abhi-Bhi-Baki-Hai-ebf502

मैं आशा!

हँसती और मुस्कुराती, मैं आशा हूँ।

निराशा को दूर भगाती और सबकी हिम्मत बढ़ाती, मैं आशा हूँ।

खड़ी हूँ यही चौखट पर तुम्हारी,

बस बंद दरवाज़े खोलने की देर है।

सोच रहे हो क्या तुम, किस उधेड़बुन में हो?

दोस्त तो बनो मेरे एक बार, किस आशंका में हो?

गर एक बार थामा मेरा दामन,

तो मैं जीवन भर साथ नहीं छोडूँगी।

चलूंगी संग संग तेरे, सपनों को उड़ान दूँगी।

गर गिर रहा होगा तो संभाल लूंगी।

और फिर से उठने का हौंसला दूँगी।

हँसती और मुस्कुराती, मैं आशा हूँ।

निराशा को दूर भगाती और सबकी हिम्मत बढ़ाती, मैं आशा हूँ।

©®दीपिका

“Jio Dil Se” Podcast Poetry: First Episode

Hello Everyone!

I am very glad to announce that, I just published the first episode of my new podcast!

Listen to “Jio Dil Se” Poetry By Deepika Mishra on Anchor

https://anchor.fm/deepika-mishra/episodes/Dil-Chota-Na-Kar-eamg8g

Listen and give your feedback. I hope you will give your love and support as always.

Thanks & Regards,

Deepika

बेजुबां प्यार

प्यार एक अनुभूति है, एक एहसास है।

शब्दों में बयां करना पड़ता नहीं इसे, गर बोलते आपके जज़्बात है।

गर बिन बोले समझ जाएं वो मेरी हर अनकही को, मेरे लिए वो ही सच्चा प्यार है।

और प्यार में दिखावे की कतई जरूरत नहीं होती, जो करे इज़्जत और कद्र मेरी शख्सियत की, वो ही सच्चा यार है।

नैनों से बातें करने की कला सबको आती नहीं है।

चुपके से नज़रें चुराकर दीदार की उसकी आदत मुझे सबसे ज्यादा भाती है।

जब भी आँखे बंद करके माँगा तुम्हें, तुम सामने ही थे।

शायद समझते थे मेरी बंदिशों को इसलिए मेरी दुआओं में थे।

हाथ पकड़ कर साथ साथ चलना ही आशिकी नहीं है।

साथ निभाना एक दूसरे की मुश्किलों में ही असली चुनौती है।

प्यार एक अनुभूति है, एक एहसास है।

शब्दों में बयां करना पड़ता नहीं इसे, गर बोलते आपके जज़्बात है।

©®दीपिका

कविता को सुनने के लिए क्लिक करे इस लिंक पर।

https://youtu.be/5kZ9Tf4Q_Rc

तेरा मेरा रिश्ता

https://myaspiringhope.wordpress.com/2019/10/17/tera-mera-rishta/

तेरा मेरा साथ

https://myaspiringhope.wordpress.com/2019/11/27/tera-mera-sath/