दिल छोटा ना कर!

यूँ ही बीत जाएगी ज़िंदगी, बेवजह की गलफतों में,
कुछ दिल्लगी में, कुछ दिल की लगी में।

खुशियों का खज़ाना अपने अन्दर ही है, हम बेवज़ह बाहर ढूंढते है।

क्यूँ देते है हम उन चीज़ों को तवज्जों, जो हमें अन्दर ही अन्दर तोड़ता है।

तू खुद ही खुद के लिए काफ़ी है, तू ऱब का बंदा है।

जो ना समझे कीमत तेरी, वो भूल है उसकी, दूसरों का दिल दुखाना उसका तो रोज़ का धंधा है।

लगा रहे तू अपनी कोशिशों में, दूसरों की परवाह न कर।
एक दिन मिल जाएगा तू भी अपनी मंजिल से, दिल छोटा ना कर।

©®दीपिका

https://anchor.fm/deepika-mishra/episodes/Dil-Chota-Na-Kar-eamg8g

https://myaspiringhope.wordpress.com/2019/11/15/housalo-ki-udaan/

जिंदगी सबसे बड़ी गुरु है।

जिंदगी सबसे बड़ी गुरु है, जीना सिखा देती है।
आँखों से गिरे हर आँसू को पीना सिखा देती है।

जो जाते है गर तारें अगर मायूसियों की गर्दिशों में,
उन्हें रोशनी का नया सूरज दिखा देती है।

आते है बहुत से दो राहें मंजिलों की चाह में,
पर है शुक्रिया तेरा, ए जिंदगी! तू हर बार गिरकर उठना सिखा देती है।

ग़मों की गहराइयों और सुखों की परछाईयों में,
अपनों और परायों की पहचान सिखा देती है।

जिंदगी सबसे बड़ी गुरु है जीना सिखा देती है।
मुश्किलों भरी ज़मीन पर ख्वाइशों के फूल खिला देती है।

©®दीपिका

Now you can also listen to the poem. Here is the link.

https://youtu.be/NXZjA055AEU

You can also read

जिंदगी का सफ़र”

https://myaspiringhope.wordpress.com/2019/06/06/zindagi-ka-safar/

मन की शांति

जीती थी जो औरों की मन की शान्ति के लिए,
गैरों की हँसी और अपनों की खुशी के लिए।

आज देखकर उसे एक नया अनुभव हुआ,
छोड़ते हुए जिसने कड़वे लम्हों को पीछे, खुद के लिए जीने का निश्चय किया।

कट तो रही थी ज़िंदगी यूँ भी शनै: शनै:।
पर सलीके से ज़िंदगी जीने के लिए कुछ नए पैमानों को गढ़ा गया।
कुछ छोड़ा तो कुछ नया रचा गया।

बदल रही है अब उसकी भी सोच बदलती हवाओं के साथ,
खो नहीं सकती अब शांति वो भी अपने मन की, हर बदलती जरुरतों के साथ।

एक नया आशियाँ अब उसने भी बनाया है।उस अँधेरी रात के बाद फिर नया सवेरा आया है।

ज़िंदगी जीने के तरीके अब उसके भी बदल गए है।कुछ और ना सही पर उसके हौंसलों को पंख मिल गए है।

अब मुश्किल है शायद पीछे मुड़ना, मंजिलों की राहों को छोड़ कर,

यूँ ही चलते चलते अब इन राहों पर ज़िंदगी जीने के नए बहाने मिल गए है।

You can read another Hindi poem here.

Aurat Teri Kahani”

https://myaspiringhope.wordpress.com/2019/08/30/aurat-teri-kahani/

Regards & Gratitude,

Deepika