इंतज़ार अच्छे वक़्त का!

हम अच्छे वक़्त का इंतज़ार ही करते रहते जाते है,

कुछ पीछे छूट जाता है तो कुछ हम खुद छोड़ के आगे बढ़ जाते है।

ऐसा कर के कभी खुद को धोखा देते है,तो कभी किसी और से धोखा पाते है।

और फिर एक बार हम अच्छे वक़्त का इंतज़ार ही करते रह जाते है।

समय का पहिया गतिमान है किसी के लिए नहीं रुकता है,

हमें ही समझनी होती है उसकी गति और खुद ही सामंजस्य बिठाना पड़ता है।

गलती हमारी होती है और हम दूसरों पर दोष मढ़ते रह जाते है,

और हम फिर यूँ ही हाथ पर हाथ रखकर अच्छे वक़्त का इंतज़ार ही करते रह जाते है।

समय रहते ही चीजों को सुधारने की कोशिश की होती तो शायद नज़ारे कुछ और होते।

हमारे भी परिश्रम और सफलताओं के किस्से चहुँ ओर होते।

अच्छे वक़्त का इंतज़ार नहीं, अच्छा वक्त खुद के लिए कमाना पड़ता है।

खुद को हर उस हारी हुई सोच से ऊपर उठाकर जीत के क़ाबिल बनाना पड़ता है।

वरना हम अच्छे वक़्त का इंतज़ार ही करते रहते जाते है,

कुछ पीछे छूट जाता है तो कुछ हम खुद छोड़ के आगे बढ़ जाते है।

©®दीपिका

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पॉडकास्ट सुने।

https://anchor.fm/deepika-mishra

14 thoughts on “इंतज़ार अच्छे वक़्त का!

  1. अच्छे वक़्त का इंतज़ार नहीं, अच्छा वक्त खुद के लिए कमाना पड़ता है।this is so true. we all wait for good times but we have to earn it. It doesn’t come to us on its own.

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  2. Bahut sahi kaha aapne Deepika achcha waqt lana padta hai, ek achche waqt ke intezar m hazaron lambe ganwane se achcha ki waqt kaisa bhi ho use achcha banane ki kala sikh li jaye, zindagi achche waqt se sarabor ho jayegi!!

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  3. So inspiring Deepika and I agree we have to do work hard for achieving our goals or things that we want in our lives. hard work is key to get success..and you had presented this emotion so well in your post. beautiful lines..

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  4. Don’t know why Deepika, this poem brought tears in my eyes. Somewhere, the pain resonated. खुद को हर उस हारी हुई सोच से ऊपर उठाकर जीत के क़ाबिल बनाना पड़ता है। This line is so deep, I loved the full poem but, this line is my take away from here. How beautifully you expressed the word Intezaar. Bahut khub. Aapke liye dher sara pyar is choti behen ki taraf se. ❤💐🌷🌼

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  5. Very well said buddy, nothing comes to him who waits, we must unstaffed get up and earn it. I have Not written Poems for a long time now but after reading you I once again wanna commence😊

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