हज़ारों बहाने जीने के!

एक रास्ता बंद हो तो दूसरा खुल ही जाता है।मुश्किलों की जड़ें कितनी ही गहरी क्यूँ ना हो, हल निकल ही आता है।

असफलता बंद नहीं कर सकती है द्वार सफलता के,

अगर हल खोजे जाएं तो हज़ारों बहाने निकल ही आएंगे खुल के जीने के।

कितना आसान होता है, हार मान कर बैठ जाना,

ये तो मुझसे होगा ही नहीं, ऐसा सोचकर जंग लड़ने से पहले ही हथियार डाल देना।

शायद एक कोशिश एक नई आशा का द्वार खोल सकती है,

जो कल तक था असंभव, उस पर विश्वास की एक नई कोंपल अंकुरित हो सकती है।

जरूरत है तो बस थोड़ा धैर्य रखने की,लगातार कोशिशें करने की,

हिम्मत नहीं हारने की,बिगड़ी बनाने की और अनसुलझी सुलझाने की।

एक छोटी सी हार से क्यूँ जिंदगी अपने मायने खो देती है?

क्या सस्ती है जान इतनी कि हर चौराहे पर बोली लगा करती है।

विश्वास रखो कि

एक रास्ता बंद हो तो दूसरा खुल ही जाता है।मुश्किलों की जड़ें कितनी ही गहरी क्यूँ ना हो, हल निकल ही जाता है।

©® दीपिका

गमों के बादल!

https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/08/gamo-ke-baadal/

वो एक फ़रिश्ता!

https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/06/vo-ek-pharista/

इंसानियत जो कुछ खो सी गई है।

https://myaspiringhope.wordpress.com/2020/04/06/insaaniyat-jo-kuch-kho-si-gayi-hai/

25 thoughts on “हज़ारों बहाने जीने के!

  1. That’s the spirit if there is problem it must have more solutions, depends how you identify which solution works for you and when, so don’t give up ever, just by saying ye hamse na ho payega, rather say Yes I Can. Keep encouraging girl!

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  2. Amazing and this is something that i firmly believe..life is not a bed of rose and it test our patience at so many levels. our attitude is the main thing that could make a big difference. loved the lines..ek rasta band ho to doosra khul hi jata hai..keep up the great work dear deepika!

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  3. एक छोटी सी हार से क्यूँ जिंदगी अपने मायने खो देती है?क्या सस्ती है जान इतनी कि हर चौराहे पर बोली लगा करती है।

    विश्वास रखो कि

    एक रास्ता बंद हो तो दूसरा खुल ही जाता है।मुश्किलों की जड़ें कितनी ही गहरी क्यूँ ना हो, हल निकल ही जाता है।

    Kitni badhi baat hai. Deepika, mai padh rahi thi aur soch rahi thi ki yeh kavita maine pehle kyun nhi padhi! Kyun aapne yeh pehle nahi likhi. Kyun aapse meri pehle mulakat nhi huyi. Yeh kavita roshni hai. Bahut khub, bahut pyara. Aapke liye dher sara pyar vej rahi hoon. 🌼❤

    Liked by 1 person

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