माँ का प्यार

माँ के चरणों में संसार और आँचल में ढ़ेर सारा प्यार होता है।
चाहे दुनिया इधर की उधर हो जाए, माँ का प्यार अपने बच्चे के लिए कभी भी कम नहीं होता है।

माँ के हाथ के बने खाने का दुनिया में कोई मोल नहीं है।
कैसे तोल सकता है कोई तेरे प्यार को, ए माँ! ये कोई बिकाऊ थोड़े ही है।

बस अपना प्यार और आशीर्वाद सदा यूँ ही बनाए रखना, माँ!
तुम जुग जुग जिओ हज़ारों साल, ये ही है तेरे बच्चे की दुआ, माँ।

कितने दुःख दर्द वो अपने बच्चे के लिए हँसते हँसते पी जाती है।

दुःख तो तब होता है जब उसके निःस्वार्थ प्रेम को स्वार्थ की परिभाषा दी जाती है।

शायद समझा नहीं सकती है वो अपनी भावना को शब्दों में।

बच्चा बस खुश रहे, तरक्की करे, ये ही दुआ होती हआई उसकी प्रार्थनाओं में।।

माँ के चरणों में संसार और आँचल में ढ़ेर सारा प्यार होता है।

चाहे दुनिया इधर की उधर हो जाए, माँ का प्यार अपने बच्चे के लिए कभी भी कम नहीं होता है।

©®दीपिका

https://myaspiringhope.wordpress.com/2019/08/23/maa-ek-pharishta/

32 thoughts on “माँ का प्यार

  1. मां के प्यार की तुलना तो किसी से हो ही नहीं सकती। क्योंकि वह तो खास होता है। सुन्दर, अद्वितीय होता है।

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  2. A mother’s love is nothing but unconditional love from God through them. Its amazing how they bring us up and im glad im getting to be one of those people who distribute unconditional love among their kids.

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